छिंदवाड़ा डायरी : भाग - ३

Honey Hunter Ritual

लगभग 42°C तापमान में कड़ी दोपहरी के बीच अपने चारों तरफ बने कुंडो में आग जला कर उसके बीच लेटे हुए आसमान की तरफ हाथ जोड़े किसी दैवीय शक्ति से प्रार्थना और क्षमा याचना करते हुए इन संत को देख रहे हैं आप..!!

Honey Hunter Royal Bee Brothers


तो चलिए अब इनके ऐसा करने के पीछे कारण बताते हैं आपको।


वैसे तो पातालकोट में अध्ययन के दौरान हमने ऐसी कई आश्चर्यचकित करने वाली रश्मों का साक्षात्कार किया पर उनमें से कुछ प्रथाएं ऐसी रहीं जो हमारे लिए अविस्मरणीय बन गईं,उनमें से एक थी ये "नौ तपा" की पूजा जिसका पूरा समर्पण "माता ब्राह्मी देवी"(शहद की देवी) के चरणों में किया जाता है।

Honey harvesting from deep forest region
Extracting honey from honeycomb

इस पूजा का विवरण पूछने पर हमें पता चला कि ये कोई सामान्य पूजा नहीं बल्कि प्रत्येक वर्ष 'शहद' का सीजन शुरू होने पर ये पूजा की जाती है जिसमें मंदिर के पुरोहित गर्मी की कड़ी दोपहरी में चारो तरफ आग के कुंड जला कर उसके बीच लेट जाते हैं और नौ दिन तक लगातार ऐसी ही स्थिति में बने रहने के बाद पूजा के अंतिम दिन भंडारे के साथ इस "नौ तपा" की पूजा को "माता ब्राह्मी देवी" के चरणों में समर्पित करते हैं जिन्हें शहद की देवी के नाम से जाना जाता है।

Indian Honey Harvester of forest


आदिवासियों में ऐसी मान्यता है कि प्रत्येक वर्ष जंगलों से शहद निकालने की शुरुवात करने से पहले उन्हें इस पूजा के माध्यम से "शहद की देवी" से क्षमा याचना के साथ बिना किसी जंगलीय जीव को नुकसान पहुंचाए शहद निकालने की आज्ञा लेनी पड़ती है।

Royal Bee Brothers Honey Hunter

पूजा के दौरान 9 दिवस तक आदिवासी महिलाएं अपना श्रंगार धारण नहीं करती हैं और केश खुले रखती हैं उसके पश्चात समापन दिवस पर अग्निकुंड की राख से अपने केशों को धुलकर पुनः अपने श्रृंगार धारण करती हैं एवं आदिवासी पुरुष इस पूजा के दौरान 9 दिन तक सुबह निर्जल व्रत रख कर केवल सांयकाल का भोजन ग्रहण करते हैं।

Indian Honey Harvester

आदिवासियों में एक मान्यता ये भी है की कुंड की राख को किसी साफ कपड़े में बांध कर छोटे बच्चों के सिरहाने रखने से उन्हें डरावनी स्वप्न बाधाएं नहीं होती हैं।

Honey Hunters rituals


नौ दिन की इस पूजा के अंतिम दिन समापन के समय आदिवासियों की शहद निकालने वाली प्रजातियों के लोग पूजा में जल रहे आग के कुंडो से कोयले का टुकड़ा साथ ले जाते हैं और शहद निकालते समय किए गए धुएं में वो कोयले का टुकड़ा रख देते हैं जिससे मधुमक्खियां बिना किसी को नुकसान पहुंचाए स्वतः छत्ते छोड़ कर उड़ जाती हैं और वे आसानी से शहद निकाल सकते हैं।

Organic Honey Harvester of India
Harvester of pure organic honey


कुछ ऐसे ही अद्भुत,अविस्मरणीय और अकल्पनीय अनुभवों के साथ। फिर मिलते है जल्दी ही अगले अध्याय के साथ |